Generation Of Computer in hindi, कंप्यूटर की पीढ़िया, कंप्यूटर का इतिहास

Generation Of Computer, कंप्यूटर की 

पीढ़िया, कंप्यूटर का इतिहास:


Generation Of Computer, कंप्यूटर की  पीढ़िया

दोस्तों, अगर हम आज के युग को कंप्यूटर का युग भी कहे तो उसमे कोई गलत बात नहीं होगी | शिक्षा, एंटरटेनमेंट, मेडिकल, कॉमर्स, और जितनी भी फील्ड है जो आजकल डेवेलोप हो रही है उन सब में कंप्यूटर का बहुत उपयोग किया जाता है | आज कल लगभग हर एक घर, हर एक ऑफिस में  कंप्यूटर जरूर होता है |
लन्दन में जन्मे एक गणित तग्य चार्ल्स बैबेज, जिन्हे कम्प्यूटर का जनक भी कहा जाता है, उन्होंने ही कंप्यूटर का अविष्कार किया था | वैसे इस मामले में काफी लोगो के विचार अलग अलग है | चार्ल्स बैबेज ने भी जो आज कल हम इस्तेमाल करते है, (डिजिटल कंप्यूटर) उसका अविष्कार नहीं, लेकिन एनालॉग तरीके का कंप्यूटर जो की बिना सॉफ्टवेयर के गणना करता था उसका अविष्कार किया था | 14 जून  1822 को चार्ल्स बैबेज ने ये दवा किया की उन्होंने एक कंप्यूटर का अविष्कार कर लिया है जिसका नाम उन्होंने Difference Engine रखा था | 

पहला प्रोग्रामेबल कंप्यूटर : 

कॉनरेड जूस नाम के एक वैज्ञानिक थे, उन्होंने 1936 और 1938 के बिच एक प्रोग्रामिंग कंप्यूटर डिज़ाइन किया, जिसका नाम उन्होंने Z1 रखा और ये दुनिया का पहला प्रोग्रामेबल कंप्यूटर था लेकिन फिर भी ये कंप्यूटर डिजिटल नहीं था | 

डिजिटल कंप्यूटर :
जब पहला डिजिटल कंप्यूटर का अविष्कार हुआ तब दुनिया में लोगो ने मान लिया था की ये दुनिया आखिरी अविष्कार होगा | पेहला डिजिटल कंप्यूटर का अविष्कार किया था जे. प्रेसपर एकर्ट ने अपने प्रोफेसर जॉन मोकली के साथ मिलकर ये अविष्कार किया था |  इसके बाद लोगो का डिजिटल कंप्यूटर के प्रति  आकर्षण और बढ़ता गया | क्योंकि ये कंप्यूटर कम समय में ज्यादा से ज्यादा काम कर लेता था  | लेकिन शुरुवात में ये जो कंप्यूटर आकार में बहुत बड़ी होती थी | और तब दोनों ने मिलकर इस अविष्कार को पेटेंट करवाया और इसे नाम दिया गया ENIAC (Electronic Numerical Integrator & Computer) | फिर इस कंप्यूटर को U S Army ने इसे गणना करने के लिए खरीद लिया | फिर इन दोनों ने सोचा की अपना पेटेंट दूसरी कंपनी को नहीं बेचेंगे और उन्होंने अपनी ही एक कंपनी की शुरुवात की जिसका नाम था ECC (Electronic Controls Company) | और ये अविष्कार 1946 में किया गया और 1950 तक कंप्यूटर बनाना शुरू कर दिया | जे. प्रेसपर एकर्ट ने कंप्यूटर के क्षेत्र में 85 अविष्कार किये और उनको पेटेंट कराया | फिर साल 1968 में उनको नेशनल अवार्ड ऑफ़ साइंस के नाम से नवाजा गया था | 
तो आज तक कंप्यूटर की 5 Generation (५ पीढ़िया) आ चुकी है , तो आइये हम से भी जान लेते है  | 

Generation Of Computer (कंप्यूटर की पीढ़िया):

कंप्यूटर जनरेशन में जो आप आज का कंप्यूटर देखते है वो इस तरह का नहीं होता था | शुरुवाती कंप्यूटर बहुत बड़े होते थे और कमरे के आकार के होते थे | धीरे धीरे क्रमिक विकास के दौरान इन कम्पूटरो में कुछ बदलाव हुए और आज जो आप अपने घरो में कंप्यूटर को देख रहे है वो उस तरह का हुआ | धीरे धीरे हुए इन बदलाव को हम कटर गेनेराइओं के रूप में जानते है और अभी तक 5 जनरेशन के कंप्यूटर हमारे बिच में आ चुके है |

पहली पीढ़ी ( १९४२-१९५५):
First Generation (1942-1955):

First Generation computer, पहली पीढ़ी
1942 से 1955 के बिच में पहली पीढ़ी के कंप्यूटर का विकास हुआ | इस पीढ़ी के कंप्यूटर में Vacuum Tube का इस्तेमाल किया जाता था जिसकी वजह से इसका आकार बहुत बड़ा होता था | यह कंप्यूटर बिजली की खपत भी बहुत ज्यादा करते थे और इसमें में जो Tube होती थी वो बहुत ज्यादा गर्मी पैदा करती थी इसीलिए यहाँ पर AC का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता था |  इस कंप्यूटर की बड़ी बात ये थी की इसे चलाने  के लिए जो प्रोग्राम्स बनाये जाते थे वो कंप्यूटर पंच कार्ड (Punch Card) में स्टोर करके रखे जाते थे | इसीलिए इसमें डाटा स्टोर करने की जो क्षमता बहुत काम होती थी और साथ में ये जो कंप्यूटर बहुत धीरे चला करते थे | इन कम्प्यूटर्स में मशीनी भाषा (Machine Language) का उपयोग किया जाता था | 

दूसरी पीढ़ी (१९५६-१९६३):
Second Generation (1956-1963):


                                                  Second Generation Computer, दूसरी पीढ़ी
इन कंप्यूटर का विकास 1956 से 1963 के बीच हुआ था | इस पीढ़ी के कंप्यूटर का आकार पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के आकार के तुलना में थोड़ा छोटा हो गया था | इसका कारन था की दूसरी पीढ़ी में Vacuum Tube की जगह Transistor का इस्तेमाल किया गया था | इन कंप्यूटर में मशीन भाषा (machine Language) के जगह पर  असेम्ब्ली भाषा (Assembly Language) का इस्तेमाल हुआ था | डाटा स्टोर करने के लिए पंच कार्ड (Punch Card) का उपयोग किया जाता था | लेकिन ये कम्प्यूटर्स आकार में और बिजली की खपत में पहली पीढ़ी के कम्पूटरो से कही बेहतर थे |

तीसरी पीढ़ी (१९६४-१९७१):
Third Generation (1964-1971):

Third Generation computer, तीसरी पीढ़ी


तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर का विकास 1964 से 1971 के बिच हुआ था | और ये कंप्यूटर देखने में आज के कंप्यूटर के जैसे ही थे | इन कम्पूटरो में सिर्फ मॉनिटर और कीबोर्ड का इस्तेमाल किया था और यहाँ पर माउस विकसित नहीं था | इन कम्पूटरो में ट्रांसिस्टर (Transistor) की जगह इंटीग्रेटेड सर्किट (Integrated Circuit) का इस्तेमाल किया जाता था और इन्हे IC के नाम से भी जाना जाता है | इन कम्पूटरो का आकार अब छोटा हो गया था और काम भी कम समय में हो जाता था | इस पीढ़ी के कम्पूटरो में हाई लेवल लैंग्वेज (High Level language) का इस्तेमाल किया जाता था जिसमे पास्कल (pascal) और बेसिक (Basic) का विकास हुआ था | 

चौथी पीढ़ी (१९७२-१९८४):
Fourth Generation (1972-1984): 

Fourth Generation Cpomputer, चौथी पीढ़ी

1972 से 1984 के बीच चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर का विकास हुआ था | इस पीढ़ी के कंप्यूटर में इंटीग्रेटेड सर्किट (Integrated Circuit) के स्थान पर माइक्रोप्रोसेसर (Microprocessor) का उपयोग किया गया था और इन कंप्यूटर का आकार छोटा होने के साथ साथ इसकी गति में बहुत बढ़िया काम करता था | इन कम्पूटरो में VLSI (Very Large Scale Integration) का इस्तेमाल किया गया था | इस पीढ़ी में पहली बार ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) में MS DOS का विकास हुआ था और आगे इसका विकास माइक्रोसॉफ्ट विंडोज (Microsoft Windows) में हुआ | इसी के साथ मल्टीमीडिया (Multimedia) भी आ गयी जिसकी C प्रोग्रामिंग भाषा (C programming language) हो गयी |

पांचवी पीढ़ी (1985- अब तक):
Fifth Generation (1985- Present):

Fifth Generation Computer, पांचवी पीढ़ी


पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर का विकास अब भी जारी है, लेकिन इसकी शुरुवात साल 1985 से हो गयी थी | यहाँ पर अब आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) का इस्तेमाल होने लग गया है और यह कंप्यूटर ULSI (Ultra Large Scale Integration) के तकनीक पर काम करते है | जैसे की आपने अपने मोबाइल में Google assistance, Alexa, Windows Cortana का इस्तेमाल करते है | 


दोस्तों, उमीद करता हु की ये Information पढ़ कर आपको कुछ नया सीखने को मिला होगा। 
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धन्यवाद। 


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